Press Note Hindi Dt: 27.06.2017 सोडा एष और सेरेमिक उद्योगों की एंटी डंपिंग ड्यूटी के नाम पर भाजपा सरकार का करोड़ो रुपयों का भ्रष्टाचार

शक्तिसिंहजी गोहिल का कार्यालय,

राष्ट्रीय प्रवक्ता, .आई.सी.सी., और विधायक, अबडासा

प्रेस  विज्ञप्ति                                                                                                        २७ जून, २०१७

  • भाजपा की केंद्र सरकार बात करती है मेक इन इंडियाकी और काम करती है, ‘मेक इन इंडियाके मर्डर की।
  • सोडा एष और सेरेमिक उद्योगों की एंटी डंपिंग ड्यूटी के नाम पर भाजपा सरकार का करोड़ों रुपयों का भ्रष्टाचार।
  • सोडा एश और सेरेमिक उद्योग लाखों लोगों को हमारे देष में रोजगार देता है।
  • भाजपा सरकार के रवैये से स्थानीय उद्योग मर जाएंगे और लाखों लेग बेरोजगार होंगे।
  • घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए कांग्रेस की यूपीए सरकार ने 03 जुलाई, 2012 को एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई थी।
  • आयातक मालामाल हो और भाजपा को करप्शन के पैसे मिलें, इसलिए भाजपा की केंद्र सरकार एंटी डंपिंग ड्यूटी हटाने की चाल चल रही है।
  • मध्यावर्ती समीक्षा करके एंटी डंपिंग ड्यूटी हटाने की भाजपा सरकार की कोषिष हाई कोर्ट ने खारिज कर दी।
  • चीन, पाकिस्तान, अमरीका और यूरोप जैसे देषों से सोडा एष एवं सेरेमिक डंप किया जाएगा और भारत के घरेलू उद्योग बर्बाद किए जाएंगे।
  • चीन की चार बड़ी कंपनियों को बड़ी रिष्वत लेकर एंटी डंपिंग ड्यूटी से बाहर रखा गया है।
  • घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचने के बावजूद सिर्फ भ्रष्टाचार एवं बिचैलियों के फायदे के लिए भाजपा सरकार एंटी डंपिंग ड्यूटी हटाने पर तुली है।

 

     मेक इन इंडिया की बातें करने वाली भाजपा सरकार असल में ‘मेक इन इंडिया’ को जड़ से ही काटने में लगी है। भाजपा सरकार की नीति घरेलू उद्योगों को मार देगी और लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। सोडा एश एवं सेरेमिक उद्योगों में बहुत बड़ी तादाद में रोजगार मिल रहा है। इन क्षेत्रों में देश के उद्योगपतियों का लंबे समय से हजारों करोड़ों का निवेश हुआ है। कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने सोडा एश के घरेलू उद्योग को बचाने के लिए 03 जुलाई, 2012 को (नोटिफिकेशन नं. 34/2012) के द्वारा इसके आयात पर 5 साल के लिए एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई थी। चीन, पाकिस्तान, यूरोपियन यूनियन, अमरीका और ईरान जैसे देश सोडा एश को भारत में डंप करके घरेलू उद्योग को बर्बाद करने की कोशिश में लगे थे, इसलिए यूपीए सरकार ने सोडा एश पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई थी। 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार आते ही आयातक एवं उसके बिचैलिए सक्रिय हो गए थे और इनकी चहल-पहल सरकारी दफ्तरों में बढ़ गई थी। परिस्थितियां सामान्य होने के बावजूद चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने 21 जुलाई, 2016 को एंटी डंपिंग ड्यूटी हटाने के लिए मिड टर्म रिव्यू करने की मंशा जाहिर की और 14 सितंबर, 2016 के दिन डिस्क्लोज़र स्टेटमेंट जारी कर दिया। कमेंट्स देने के लिए सिर्फ चार दिन दिए गए थे और 23 सितंबर, 2016 के दिन फाईनल फाइंडिंग इश्यू करके सोडा एश पर जो एंटी डंपिंग ड्यूटी थी, उसे तत्काल प्रभाव से हटा दिया। सरकार का यह फैसला भ्रष्टाचार की वजह से था और बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं था। इसलिए इसको गुजरात हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच के सामने स्पेशल सिविल एप्लीकेशन,         SCA-16426/2016 से SCA-16429/2016 के तहत 4 पेटिशन में चैलेंज किया गया। गुजरात हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद भाजपा की केंद्र सरकार का एंटी डंपिंग ड्यूटी हटाने के फैसले को खारिज कर दिया। यह दिखाता है कि भाजपा सरकार किस तरह से भ्रष्टाचार कर रही है। सोडा एश पर लगी हुई एंटी डंपिंग ड्यूटी की अवधि जुलाई, 2017 में खत्म होने वाली है। घरेलू उद्योगों की भलाई तथा लाखों कामगारों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए एंटी डंपिंग ड्यूटी की अवधि को अगले पांच साल के लिए पुनः बढ़ा देना चाहिए क्योंकि इस उद्योग में तब और अब के हालात में कोई बदलाव नहीं है।

      अपने देश में प्राकृतिक सोडा एश नहीं मिलता है। सिंथेटिक सोडा एश बनाने में नमक एवं लाईम स्टोन का रो-मटेरियल बड़े पैमाने पर प्रयोग होता है, जिसकी वजह से यह उद्योग बहुत बड़ी तादाद में रोजगार मुहैया कराता है। हालांकि विश्व के कई देशों में सोडा एश जमीन से सीधे कच्चे माल के रूप में निकाला जाता है। ऐसे मुफ्त में मिले सोडा एश को अगर हम अपने देश में बिना ड्यूटी लगाए आने दें तो हमारे घरेलू उद्योग को भारी नुकसान पहुंचेगा। सोडा एश ग्लास मैन्युफैक्चरिंग, डिटरजेंट, साबुन, सिलिकेट एवं सोडियम बेंज़ इंडस्ट्रीज़ में काम आता है।

      सेरेमिक उद्योग हमारा घरेलू उद्योग है और भाजपा की नीति और नीयत में खोट होने के कारण इस उद्योग के ऊपर बहुत बड़ा खतरा है। चीन अपना माल डंप करके भारत के इस घरेलू उद्योग को बर्बाद करने की कोशिश में लगा है। भाजपा की केंद्र सरकार ने 08 अप्रैल, 2017 के नोटिफिकेशन से चीन की चार बड़ी कंपनियों को एंटी डंपिंग ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। इन कंपनियों को एंटी डंपिंग ड्यूटी से मुक्त करने में बहुत बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। इन कंपनियों के नाम हैं:-

१.  मे. न्यू ज़ोंग योन सेरेमिक्स इंपोर्ट एण्ड एक्सपोर्ट कंपनी, चीन

२.  फोशन हेनरी ट्रेडिंग कंपनी

३.  फोशन वोरसेटर ट्रेड कंपनी, हांगकांग

४.  फोशन न्यू पर्ल ट्रेड कंपनी, चीन

इन कंपनियों को एंटी डंपिंग ड्यूटी से बाहर रखने के बाद ये अपना कच्चा माल बेरोकटोक भारत में डंप कर सकेंगी, जिसकी वजह से हमारे घरेलू उद्योग को अचानक ही अनदेखी मुसीबतों को सामना करना पड़ रहा है।

      दुनिया के देशों में प्रोडक्ट कोस्ट  के साथ फ्रेट चार्जेस (माल परिवहन लागत) गिनती में ली जाती है। हमारे देश में फ्रेट चार्जेस (माल परिवहन लागत) नहीं गिनने की वजह से घरेलू उद्योगों को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है।

      कांग्रेस पार्टी की मांग है कि:-

१.  सोडा एश एवं सेरेमिक उद्योगों को बचाने के लिए एंटी डंपिंग ड्यूटी की अवधि बढ़नी चाहिए।

२.  फ्रेट चार्जेस (माल परिवहन लागत) को एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाते वक्त गिनती में लेना चाहिए।

३.  चीन की चार कंपनियों को एंटी डंपिंग ड्यूटी से जो मुक्ति दी गई है, उसके वापस लेना चाहिए।

४.  एंटी डंपिंग ड्यूटी के मामले में बहुत बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।

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